जानिये अपने म्यूच्यूअल फण्ड को बेहतर

म्यूचुअल फंड (MUTUAL FUND) से संबंधित कुछ जानकारियाँ,

प्रत्येक म्यूचुअल फंड में एक योजना संबंधित दस्तावेज़ होता है जिसमें विभिन्न शर्तें होती हैं। हम आपको  इन शर्तों के बारे में बताएँगे

जोखिम मीटर –RISKOMETER

प्रत्येक फंड दस्तावेज़ में इसका उल्लेख है। यह फंड में निवेश करने के जोखिम (रिस्क) को निर्धारित करता है। इसमें 5 श्रेणियां हैं – उच्च / मध्यम उच्च / मध्यम / मामूली निम्न / निम्न – इसमे ये जानना ज़रूरी है की जितना ज़्यादा जोखिम होता है, उतना ही रिटर्न्स (RETURNS) के आसार भी ज़्यादा होते हैं। पर निवेशक इन MUTUAL FUND SCHEMES पैसा तभी लगायें जब एक लंबे समय तक इस पैसे को न निकालन हो और निवेशित रहना हो. ज़्यादा रिस्क वाले फंड्स में कुछ समय तक आपकी निवेश की गयी राशि काम भी हो सकती है जिसको LOSS या नुकसान के रूप में देखा जा सकता है, पर एक लंबे समय तक बने रहने से सबसे ज़्यादा रिटर्न की आकांक्षा इन्हीं फंड्स से है। जिनमें रिस्क कम  है, वो आपके पैसे को सबसे सुरक्षित रखेंगे परंतु रिटर्न भी सबसे कम होते हैं।

 

प्रारंभ तिथि – DATE OF INCEPTION

यह वह तारीख है जिस पर फंड शुरू किया गया था। आम तौर पर हमें उन फंडों में निवेश करना चाहिए जिनके पास रिटर्न का अच्छा ट्रैक रिकार्ड है और इनको कम से कम 3-5 साल पहले शुरू किया गया है।

 

कुल धनराशी  (AUM)- ASSET UNDER MANAGEMENT

यह फंड कुल संपत्ति है जिसका अर्थ है कि फंड में लगे सभी धन का योग।

 

एन ए वी (NAV) – NET ASSET VALUE

यह फंड का दैनिक मूल्य है और स्टॉक या शेयर कीमतों के समान है।

 

रिडेम्प्शन प्रोसेस – REDEMPTION PROCESS

यह बताता है कि जब आप म्यूचुअल फंड बेचते हैं तो एक म्यूचुअल फंड आपको कितनी जल्दी धन वापस कर सकता है। आम तौर पर 3- 4 व्यावसायिक दिनों में आपका धन जिस खाते से गया था उसी में वापिस आता है। इसलिए यदि आप सोमवार को म्यूचुअल फंड बेचते हैं, तो पैसा आपके बैंक खाते में बुधवार या गुरुवार तक आपके पास वापस आ जाएगा।

 

फंड मैनेजर –   FUND MANAGER

जो फंड का प्रबंधन कर रहा है और पैसा निवेश कर रहा है।

 

फंड आवंटन (एलोकेशन) – ALLOCATION

यहां फंड बताता है कि पैसा कहां लगा रहा है – चाहे स्टॉक या बॉन्ड या अन्य वित्तीय उपकरणों में। फंड आवंटन फंड के जोखिम को निर्धारित करता है जो जोखिम मीटर के रूप में जोखिम कर्ता द्वारा दस्तावेजों पर दिखाया गया है।

 

व्यय अनुपात (फण्ड द्वारा किया गया खर्च) – EXPENSE RATIO

प्रत्येक फण्ड की निवेश करने की एक लागत होगी। इसमें फंड प्रबंधक वेतन, कार्यालय किराया, निवेश बुनियादी ढांचा और वितरण व्यय इत्यादि शामिल नहीं है।

 

बेंचमार्क – BENCHMARK

इसका उपयोग फंड के प्रदर्शन को मापने के लिए किया जाता है। एक अच्छा फण्ड वह है जो लगातार बेंचमार्क को मात देता रहता है।

 

म्यूच्यूअल फण्ड (MUTUAL FUND) में निवेश करते समय इन बातों को हमेशा ध्यान में रख लें.

शेयर बाज़ार के उतार चढ़ाव पर ध्यान ना दें

आप किसी से भी पूछेंगे की अभी मार्किट में पैसा लगाने का अभी सही समय है कि नहीं? आपको हर व्यक्ति अपने अपने अनुभवों के अनुसार अलग जवाब देंगे। कोई कहेगा अभी मार्किट SENSEX नीचे जा रहा है रुक जाओ, कोई बोलेगा अभी ही सही टाइम है, सब सस्ते में मिल रहा है। सच बात ये है की कल किसी ने नहीं देखा है। सब अनुमान लगा रहे हैं। आप भला किसकी बात मानेंगे। सही बात ये है कि निवेश हर महीने SIP करना सबसे लाभदायक है। ऐसा करने पे आपको देखने की ज़रूरत नहीं की बाज़ार ऊपर है या नीचे। हर महीने SIP करने पे आपको मार्किट के उतार चढ़ाव देखने की ज़रूरत नहीं पड़ेगी।

निवेश के लक्ष्य पर खयाल दें (FOCUS ON INVESTMENT GOAL),

मेरे निवेश का लक्ष्य क्या है? मुझे क्या अपने बुढ़ापे के लिए पैसे बचाने हैं? मुझे अपने बच्चों का विवाह करना है? मुझे घर लेना है या घूमने बाहर जाना है? और कितने समय तक में निवेश के पैसे की आवश्यकता नहीं है – ये सब प्रश्न निवेश से पहले ज़रूरी हैं। कितने समय के लिए और किस फण्ड में निवेश करना है ये इन सवालों पे निर्भर है। केवल रिटर्न्स देखकर फण्ड न लें। ज़रूरी नहीं की सारे फंड्स आपके लिए उचित हों। क्योंकि हर MUTUAL FUND SCHEMES के RISK अलग हैं और उनके RETURNS भी अलग हैं, जैसे LARGE CAP FUNDS, MID CAP FUNDS, SMALL CAP FUNDS, इत्यादि के RETURNS अलग अलग हैं.

एकसाथ निवेश करना (LUMP SUM INVESTMENT),

यदि आपके पास एक साथ पैसा आया है और आपको इनकी निकट भविष्य में जरुरत नहीं है तो अलग बात है, पर यदि नहीं, तो मासिक SIP (SYSTEMATIC INVESTMENT PLAN) के जरिये कुछ पैसे लम्बे समय तक निवेश करना सबसे बुद्धिमानी की बात है। इससे आपका खर्चों पर अनुशासन बना रहेगा। साथ में शेयर बाजार के उतार चढ़ाव पर भी आपको नज़र नहीं रखनी पड़ेगी.

समय समय पर मूल्यांकन करते रहें (REVIEW TIME TO TIME),

क्या आपके म्यूच्यूअल फंड्स उतना रिटर्न्स दे रहे हैं जितना आपने सोचा था? साल में एक बार अपने सारे निवेश को जांच लें। इससे आपको ये पता लग जाएगा कि निवेश के फण्ड बदलने हैं या जो हैं वो जारी रखने हैं। एक बात और भी जाननी जरुरी है कि बताये गए RETURNS COMPOUNDING AVERAGE GROWTH RETURNS होते हैं जो कभी कम और कभी ज्यादा होते रहते हैं.

निवेश के पहलुओं से अवगत रहें (KNOW YOUR INVESTMENT OBJECTIVES),

निवेश की दुनिया हर समय बदलती रहती है। आपके हित में जो जानकारी आपको मिलनी चाहिए, Invest India Online.COM आपको निरंतर पहुंचाता रहेगा। आपको इन बातों से हमेशा अवगत रहना चाहिए.

 

Written by 

Welcome to Invest India Online. Financial freedom means something different to every single one of our clients. For some, it means having enough money in retirement to build a second home and send the grandchildren to college.