TAX SAVING के लिए सर्वोत्तम क्या है??

       ELSS Vs PPF, क्या है आपके लिए सर्वोत्तम ??

हर आदमी चाहता है कि उसको बिना निवेश किए करें इनकम टैक्स (income tax) की पूरी छूट मिल जाए, लेकिन एक सीमा से ज्यादा आय होने पर लोगों को या तो इनकम टैक्स (income tax) कटाना पड़ता है या फिर उसे बचाने के लिए निवेश करना पड़ता है। इनकम टैक्स बचाने के लिए यह निवेश 80C के तहत किया जाता है, जो 1.5 लाख रुपये तक करके अधिकतम टैक्स की छूट ली जा सकती है। इस छूट में पब्लिक प्रॉविडेंड फंड (PPF) और म्‍युचुअल फंड की इक्विटी लिंक सेविंग स्‍कीम (ELSS) जैसी दो स्कीम आती हैं। जहां लोग निवेश पर गारंटी चाहते हैं वह लोग पब्लिक प्रॉविडेंड फंड (PPF) को पसंद करते हैं, लेकिन जो लोग अपने निवेश पर थोड़ा रिस्क लेना चाहते हैं वह इक्विटी लिंक सेविंग स्‍कीम (ELSS) में निवेश करना पसंद करते हैं। जहां तक रिटर्न की बात है तो अभी पीपीएफ (PPF) पर जहां 8 फीसदी का ब्याज मिल रहा है, वही इक्विटी लिंक सेविंग स्‍कीम (ELSS) ने पिछले 3 साल में 12 फीसदी से ज्यादा का रिटर्न दिया है। इस हिसाब से पब्लिक प्रॉविडेंड फंड (PPF) में निवेश करने वालों से इक्विटी लिंक्ड  सेविंग स्‍कीम (ELSS) में निवेश करने वालों को डेढ़ गुना से ज्यादा रिटर्न मिला है। ऐसे में आइये जानते हैं कि इन दोनों बेस्ट टैक्स सेविंग स्कीम (Best Tax Saving Scheme) की खासियत क्या हैं, जिससे आप को टैक्स बचाने के लिए निवेश करने में सही फैसला लेने में आसानी हो।

कुछ बातें कॉमन  दोनों बेस्ट टैक्स सेविंग स्‍कीम (Best Tax Saving Scheme) में कुछ बातें काॅमन हैं। पहली है कि दोनों में अधिकतम 1.5 लाख रुपए का निवेश करके अधिकतम इनकम टैक्‍स (income tax) बचाया जा सकता है। इसके अलावा दोनों स्‍कीम को बीच में बंद नहीं किया जा सकता है। यह अलग बात है कि पीपीएफ (PPF) (PPF best tax saving Scheme) में पैसा 15 साल बाद निकाला जा सकता है, वहीं टैक्स सेविंग म्यूचुअल फंड (ELSS) (ELSS best tax saving Scheme) में पैसा 3 साल ही निकाला जा सकता है।

पीपीएफ (PPF) की 5 खास बातें

1. इस बेस्ट टैक्स सेविंग स्‍कीम (Best Tax Saving Scheme) को बैंक (Bank) या पोस्‍ट ऑफिस (Post Office) में कहीं भी खोला जा सकता है। इसके अलावा इसे किसी भी बैंक (Bank) में या किसी भी पोस्‍ट ऑफिस (Post Office) में ट्रांसफर भी किया जा सकता है।

2. इसे खोला तो केवल 100 रुपये से जा सकता है, लेकिन फिर बाद में हर साल 500 रुपए एक बार में जमा करना जरूरी है। इस अकाउंट में हर साल अधिकतम 1.5 लाख रुपये ही जमा किया जा सकता है।

3. यह स्‍कीम 15 साल के लिए है, जिससे बीच में नहीं निकला जा सकता है। लेकिन इसे 15 के बाद 5 – 5 के लिए बढ़ाया जा सकता है।

4. इसे 15 साल के पहले बंद नहीं किया जा सकता है, लेकिन 3 साल बाद से इस अकाउंट के बदले लोन लिया जा सकता है। अगर कोई चाहे तो इस अकाउंट से 7वें साल से नियमों के तहत पैसा निकाल सकता है।

5. ब्‍याज दरों की समीक्षा हर तीन माह में सरकार करती है। यह ब्‍याज दरें कम या ज्‍यादा हो सकती है। फिलहाल 1 जनवरी 2019 से इस अकाउंट पर 8 फीसदी ब्‍याज मिल रहा है।

ईएलएसएस  (ELSS) की 5 खास बातें (ELSS best tax saving Scheme)

1. देश में 42 म्‍युचुअल फंड कंपनियां बेस्ट टैक्स सेविंग स्‍कीम (Best Tax Saving Scheme) चलाती हैं। हर कंपनी के पास इनकम टैक्स (income tax) बचाने के लिए इक्विटी लिंक सेविंग स्‍कीम (ELSS) स्‍कीम है। इसे ऑनलाइन घर बैठे-बैठे या किसी एजेंट के माध्‍यम से खरीदा जा सकता है। इन्हें आम बोलचाल की भाषा में टैक्स सेविंग म्युचुअल फंड (Tax Saving Mutual Fund) भी कहा जाता है।

2. इसमें अगर इनकम टैक्स (income tax) बचाने के लिए एक बार में निवेश करना है तो आमतौर पर न्‍यूनतम 5 हजार रुपये और अगर हर माह निवेश करना है तो आमतौर पर न्‍यूनतम 500 रुपये महीने का निवेश शुरू किया जा सकता है। हालांकि इसमें 1.5 लाख रुपये की अधिकतम टैक्‍स छूट ली जा सकती है, लेकिन अधिकतम निवेश की इसमें कोई सीमा नहीं है।

3, इस इनकम टैक्स (income tax) बचाने वाली स्कीम में निवेश 3 साल के लिए लॉकइन रहता है। इसके बाद निवेशक चाहे तो यह पैसा निकाल सकता है। तीन साल के बाद चाहें तो पूरा निकाल लें या जितनी जरूरत हो उतना पैसा निकाल ले और बाकी पैसा इस इक्विटी लिंक सेविंग स्‍कीम (ELSS) स्‍कीम या टैक्स सेविंग म्युचुअल फंड (Tax Saving Mutual Fund) में जब तक चाहे बना रहने दें।

4 इक्विटी लिंक सेविंग स्‍कीम (ELSS) केवल 3 साल के लिए लॉकइन होती है, लेकिन अगर निवेशक इसमें डिविडेंट पेआउट का आप्‍शन लेता है तो उन्‍हें बीच बीच में पैसा मिलता रहेगा। हालांकि इनकम टैक्स (income tax) बचाने वाली इक्विटी लिंक सेविंग स्‍कीम (ELSS) स्‍कीम से बीच में निकला नहीं जा सकता है।

5. इस इनकम टैक्स (income tax) बचाने वाली स्कीम में निवेश पर ब्‍याज दर की जगह मार्केट लिंक रिटर्न मिलता है। इस कैटेगरी के म्‍युचुअल फंड में सबसे अच्‍छी स्‍कीम  ने 3 साल में 21.5 फीसदी का रिटर्न दिया है। इस कैटेगरी में 42 से ज्‍यादा स्‍कीम्‍स हैं और उनका औसत 3 साल का रिटर्न 12.3 फीसदी रहा है

दोनों ही जगह निवेश करके इनकम टैक्स (income tax) बचाया जा सकता है। इसके अलावा दोनों की स्कीम की अपनी खासियत और कमियां हैं। ऐसे में अगर कोई इनकम टैक्स (income tax) बचाने में थोड़ा सा रिस्क लेना चाहता है उनके लिए इक्विटी लिंक सेविंग स्‍कीम (ELSS) स्‍कीम या टैक्स सेविंग म्युचुअल फंड (Tax Saving Mutual Fund) बेहतर विकल्प हैं। इन स्कीम ने ज्यादातर समय निवेशकों को अच्छा रिटर्न दिया है। हालांकि निगम की राय है कि अगर इक्विटी लिंक सेविंग स्‍कीम (ELSS) स्‍कीम या टैक्स सेविंग म्युचुअल फंड (Tax Saving Mutual Fund) में पैसा लगा रहे हैं तो यह एक बार में नहीं लगाना चाहिए। इसकी जगह पैसा हर माह निवेश का माध्यम सिप (SIP) से लगाना चाहिए। इससे जहां निवेश पर रिस्क कम हो जाता है, और इस तरह से ये स्कीम बेस्ट टैक्स सेविंग स्‍कीम (Best Tax Saving Scheme) हो जाती है जिनमें अच्छा रिटर्न मिलने की संभावना बढ़ जाती है।

 

 

Courtesy – गुड रिटर्न्स डॉट इन

 

 

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