क्या आप पेंशन के बारे में यह जानते हैं??

Retirement या सेवानिवृत्ति प्रत्येक व्यक्ति के जीवन का Important Phase होता है, वह अपने Working Life में यह लक्ष्य लेकर चलता है कि जीवन के इस चरण में जब वह रिटायर हो, तो इकलौता परिवर्तन उस की दैनिक दिनचर्या हो न कि उसकी जीवन शैली.  स्पष्ट शब्दों में कहा जाए तो प्रत्येक व्यक्ति अपनी कार्यकारी जीवन के दौरान इतनी बचत और निवेश करना चाहता है ताकि उसके सेवानिवृत्त जीवन के समय उसकी बचत एवं निवेश से होने वाली आय से उसे अपने जीवन शैली में परिवर्तन न करना पड़े. इस लक्ष्य को पाने का एक महत्वपूर्ण आधार पेंशन प्लान हैं. पेंशन प्लान आपके Retirement के पश्चात आर्थिक स्थायित्व पाने का महत्वपूर्ण जरिया हैं.

 

भारत में पेंशन प्लान के दो भाग होते हैं |

  • पहला पक्ष बीमा का होता है| इसमें आपका जीवन बीमा शामिल होता है अर्थात पेंशन प्लान की अवधि के दौरान अगर आपकी मृत्यु होती है तो आप के Nominee को पहले से निश्चित की गई राशि मिलती है.

 

  • पेंशन प्लान का दूसरा पक्ष Investment होता है जो कि अत्यावश्यक है. सरल शब्दों में पेंशन प्लान में आप एक निश्चित अंतराल के पश्चात एक निश्चित राशि का अपने कार्यकारी जीवन के दौरान निवेश करते हैं और यह राशि इसके लाभ के साथ आपको आपके सेवानिवृत्ति  या योजना की Maturity के पश्चात  एक मुश्त या फिर मासिक /अर्धवार्षिक/ वार्षिक आय के रूप में आपको वापस मिलती है| जिस अंतराल में यह राशि मिलती है उसे Annuity कहते हैं. एन्यूटी  मासिक Monthly, अर्धवार्षिक Half Yearly, वार्षिक Annually या पहले से तय की गई कोई भी अवधि हो सकती है|

 

भारत में बड़ी संख्या  कार्य करने वाली आबादी Provident Fund का लाभ उठाती है परंतु विशेषज्ञों का मानना है कि प्रोविडेंट फंड के होने के पश्चात भी पेंशन प्लान का होना अति आवश्यक है इसका कारण मुद्रा का लगातार अवमूल्यन एवं व्यक्ति  की औसत आयु में बढ़ोतरी को माना जाता है.  भारत में बहुत बड़ी जनसंख्या Salaried है अर्थात उनकी जीवनशैली एक निश्चित अंतराल में होने वाली Income पर आधारित है, पेंशन प्लान ऐसी ही सुविधा उन्हें उनकी सेवानिवृत्ति के पश्चात उपलब्ध कराते हैं| पेंशन प्लान आपको आर्थिक रूप से स्वतंत्र Financially Independent बनाने का कार्य करती हैं फल स्वरूप आपको सेवानिवृत्ति के पश्चात किसी और पर निर्भर नहीं रहना पड़ता.

भारत में बहुत बड़ी जनसंख्या का पेंशन प्लान में रुचि का एक महत्वपूर्ण कारण  इससे  टैक्स में मिलने वाले लाभ है. धारा  80सी के अंतर्गत आने वाली धारा 80सीसीसी के तहत पेंशन प्लान के प्रीमियम के लिए दिए गए ₹100000 तक की राशि आयकर में आने वाली राशि से अलग रखी गई है. इतना ही नहीं इन पेंशन प्लान से होने वाली  आय  के केवल दो तिहाई हिस्से पर आयकर लग सकता है. इन सभी कारणों से स्पष्ट होता है कि पेंशन प्लान ना सिर्फ सेवानिवृत्ति के पश्चात फायदेमंद होते हैं बल्कि वह आपके कार्य जीवन के दौरान भी आपके Tax Saving का कार्य भी करता है.

 

पेंशन प्लान के प्रकार Types of Pension Plan

पेंशन प्लान निम्नलिखित आधार पर बांटा जा सकता है|

 

नेशनल पेंशन स्कीम National Pension Scheme

नेशनल पेंशन स्कीम भारत सरकार द्वारा लाई गई एक  योजना है जिसमें आपके द्वारा निवेश की गई पूंजी आप के चुनाव के आधार पर डेब्ट एवं इक्विटी मार्केट Debt and Equity Market में निवेश की जाती है.  यह योजना आपको आजादी देती है कि 60% राशि अपने सेवानिवृत्ति के समय निकाल सकते हैं (बिना टैक्स दिए) और बाकी बची हुई राशि का उपयोग एन्यूटी को खरीदने में किया जाता है|

सरकारी संस्था पेंशन फंड रेगुलेटरी एवं डेवलपमेंट अथॉरिटी (PFRDA) ने तीन पब्लिक सेक्टर कंपनियों और आठ प्राइवेट सेक्टर की कंपनियों को नेशनल पेंशन स्कीम के तहत पेंशन फंड मैनेजर के तौर पर अधिकृत किया है|

 

इन कंपनियों की पूरी लिस्ट यहाँ है – PFRDA

 

डेफेर्रेड एन्यूटी Deferred Annuity

इस तरह की पेंशन योजना के तहत या तो आप एकमुश्त प्रीमियम जमा कर सकते हैं या फिर निश्चित अंतराल में कोष में राशि जमा करने का चुनाव कर  सकते हैं. इस तरह की पेंशन प्लान की एक निश्चित अवधि होती है और उस अवधि के समाप्त होने के पश्चात आपको निश्चित अंतराल में पेंशन मिलना शुरू हो जाती है| इस तरह की पेंशन प्लान का एक मुख्य आकर्षण यह है कि इस पर निवेश की गई राशि पर आपको निकासी के दिन तक  प्रतिवर्ष एक लाख की राशि तक आयकर नहीं देना पड़ता है| इस तरह के पेंशन प्लान का अन्य लाभ यह है कि इस तरह के पेंशन प्लान में आप इस बात का चुनाव कर सकते हैं कि आप अपने कोष में राशि या तो एकमुश्त जमा कराएंगे या फिर  एक निश्चित अंतराल में  इस कोष में अपना योगदान देंगे|

 

इमीडिएट एन्यूटी Immediate Annuity

इस तरह के पेंशन प्लान में आप एकमुश्त राशि जमा करते हैं और जितनी जल्दी आप की राशि जमा हो जाती है उतनी ही जल्दी आपको इस पेंशन प्लान से मिलने वाली पेंशन शुरू हो जाती है, इस तरह मिलने वाली पेंशन की राशि आपके द्वारा निवेश की गई पूंजी पर निर्भर करती है| इस तरह के पेंशन प्लान आपको स्वतंत्रता देते हैं कि आप  अपनी एन्यूटी खुद चुने और इसके आधार पर एकमुश्त राशि निवेश करें| इनकम टैक्स ऐक्ट के अनुसार इस तरह के पेंशन प्लान  के प्रीमियम को आयकर से छूट दी गई है| पॉलिसी होल्डर की मृत्यु के पश्चात  उसके द्वारा नामांकित व्यक्ति इससे मिलने वाली राशि का हकदार होता है|इस तरह के  पेंशन प्लान में जीवन बीमा शामिल नहीं होता|

 

गारंटी पीरियड एन्यूटी GuaranteeD Annuity

इस तरह  के पेंशन प्लान में एन्यूटी  की अवधि निश्चित रहती है उदाहरण के तौर पर 5 वर्ष, 10 वर्ष ,15 वर्ष, 20 वर्ष आदि| यदि इस पेंशन प्लान की अवधि के दौरान पॉलिसी होल्डर की मृत्यु हो जाती है तब भी यह निश्चित अवधि सक्रिय रहती है अर्थात पहले से   निश्चित अवधि के पश्चात ही नामांकित व्यक्ति यह राशि प्राप्त कर सकता है|

 

पेंशन प्लान बिना लाइफ कवर के Pension plan without risk cover

इस के पेंशन प्लान में जीवन बीमा वाला पक्ष शामिल नहीं होता , इमीडिएट एन्यूटी  प्लांट इसका एक उदाहरण है| इस तरह के पेंशन प्लान में निवेश की जाने वाली राशि सामान्य तरह के प्लान से थोड़ी कम होती है| पॉलिसी होल्डर की मृत्यु हो जाने की स्थिति में  कोष की राशि नामांकित व्यक्ति को प्रदान की जाती है|

 

निश्चित एन्यूटी 

निश्चित एन्यूटी प्लान जैसा कि नाम से ही  स्पष्ट है एक निश्चित अवधि के लिए होते हैं अर्थात पेंशन प्लान शुरू करते वक्त ही यह तय कर दिया जाता है कि कितने समय तक  एन्यूटी प्रदान की जाएगी| पॉलिसी होल्डर की मृत्यु की स्थिति में  निश्चित  एन्यूटी  की अवधि तक उसके नामांकित व्यक्ति को कोष की राशि प्रदान की जाती है|

 

आजीवन  एन्यूटी Lifetime Annuity

इस तरह के पेंशन प्लान आप को स्वतंत्रता दी जाती है कि आप अपने जीवनसाथी को इस प्लान में शामिल करना चाहते हैं या नहीं| अगर पॉलिसी होल्डर का जीवन साथी इस प्लान का हिस्सा है तो उसकी मृत्यु के पश्चात उसके जीवन साथी को उसकी मृत्यु तक  एन्यूटी  राशि लगातार मिलती रहेगी परंतु अगर जीवन साथी इस प्लान का हिस्सा नहीं है तो  पॉलिसी होल्डर की मृत्यु के उपरांत  एन्यूटी  राशि मिलना बंद हो जाएगी|

 

पेंशन प्लान खरीदने के पूर्व ध्यान रखने योग्य मुख्य बिन्दु

 

महंगाई Inflation 

किसी भी पेंशन प्लान में निवेश से पूर्व यह बात ध्यान में रखना अति महत्वपूर्ण है कि वह पेंशन प्लान महंगाई को पछाड़ने  की क्षमता रखता हो अर्थात प्रति वर्ष उस  पेंशन प्लान के रिटर्न की दर उस वर्ष के महंगाई की दर से अधिक हो | इस शर्त को पूरा करने के लिए हर पेंशन प्लान के विषय में सारी जानकारी की जांच करें एवं उसका ऐतिहासिक प्रदर्शन देखें ताकि आपको ज्ञात हो सके कि इस पेंशन प्लान ने उस  वर्ष की महंगाई से ज्यादा लाभ दिया था या कम यह सब करने के पश्चात ही उचित पेंशन प्लान का चुनाव करें.

 

पूरक

पेंशन प्लान आर्थिक स्वतंत्रता को पाने का एक महत्वपूर्ण आधार जरूर है परंतु इसका स्थान एक पूरक के तौर पर ही होना चाहिए अर्थात आप को पेंशन प्लान पर पूरी तरह निर्भर ना होकर अपनी बचत पर भी ध्यान देना चाहिए | सबसे पहले आप अपनी हो सकने वाली बचत की गणना करें फिर एक ऐसे पेंशन प्लान का चुनाव करें जो आपकी बचत में पूरक का कार्य करें और आपको इतनी आए उपलब्ध कराएं कि आप को सेवानिवृत्ति के पश्चात अपनी जीवनशैली में परिवर्तन करने की जरूरत ना पड़े|

 

जीवनसाथी

किसी भी पेंशन प्लान को चुनने से पूर्व  इस बात की जांच कर लें कि वह पेंशन प्लान आपके जीवनसाथी को शामिल करता है या नहीं अर्थात आपके मृत्यु होने की स्थिति में आप की पेंशन की राशि आपके जीवनसाथी को मिलनी चाहिए अगर ऐसा नहीं है तो ऐसा प्रावधान निश्चित करवाएं|

 

अतिरिक्त लाभ Additional Profit

पेंशन प्लान का चुनाव करने से पूर्व यह भी ध्यान दें कि उनसे क्या अतिरिक्त लाभ है उदाहरण के तौर पर कुछ पेंशन प्लान ऐसे होते हैं जो आप की मृत्यु की स्थिति में आपके जीवनसाथी को मूल राशि से कुछ प्रतिशत ज्यादा देते हैं , वहीं कुछ पेंशन प्लान ऐसे हैं जो आयकर से काफी हद तक आप को बचाने का कार्य करते हैं| कुछ पेंशन प्लान ऐसे होते हैं जो आपके उनके साथ लगातार बने रहने के कारण लॉयल्टी के तौर पर अतिरिक्त रिटर्न उपलब्ध कराते हैं |  इन सब की जांच पेंशन प्लान के चुनाव के पूर्व कर लेनी चाहिए|

 

लचीलापन Flexibility 

पेंशन प्लान के चुनाव के पूर्व यह देखना चाहिए कि वह पेंशन प्लान कितना लचीला है उदाहरण के तौर पर मान लीजिए कि आप वेतन भोगी नहीं है इस कारणवश आप निश्चित अंतराल में प्रीमियम नहीं भर सकते हैं | ऐसी स्थिति में पेंशन प्लान अगर आपको एकमुश्त प्रीमियम भरने की सुविधा प्रदान करता है तो यह बेहतर होगा इसके ठीक विपरीत मान लीजिए कि आप वेतन भोगी हैं और एक मुश्त प्रीमियम भरने की स्थिति में नहीं है तो निश्चित अंतराल पर प्रीमियम भरने की सुविधा आपके लिए बेहतर होगी | ऐसे लचीले पेंशन प्लान को बेहतर माना जाता है|

 

आयु Age

किसी भी पेंशन प्लान को लेने से पहले यह निश्चित कर लें कि आप किस आयु में रिटायर होना चाहते हैं और उस समय आपको अपनी जीवनशैली बनाए रखने के लिए कितनी आय की आवश्यकता होगी फिर इस आधार पर पेंशन प्लान का चुनाव करें और जितना जल्दी से जल्दी हो सके इसमें निवेश प्रारंभ करें|

 

पेंशन प्लान के फायदे: Advantages of Pension plans

  1. पेंशन प्लान अन्य निवेशों  की तुलना में कहीं ज्यादा सुरक्षित माने जाते हैं|
  2. पेंशन प्लान को लंबे समय  की बचत के आधार पर सबसे बेहतर माना जाता है|
  3. पेंशन प्लान आपको यह आजादी देते हैं कि आप किस तरह सेवानिवृत्ति के पश्चात आय पाना चाहेंगे एकमुश्त या फिर नियमित अंतराल पर|
  4. पेंशन प्लान आपको यह भी आजादी देते हैं कि आप खुद ही चुने कि आप कितने समय तक सेवानिवृत्ति के पश्चात पेंशन पाना चाहते हैं एक निश्चित अवधि तक या फिर आजीवन|
  5. पेंशन प्लान की एक मुख्य विशेषता यह है कि यह ज्यादातर आजीवन जीवन बीमा के साथ आते हैं अर्थात आप को अलग से जीवन बीमा कराने की आवश्यकता नहीं होती है|
  6. कई पेंशन प्लान आपको यह आजादी भी देते हैं कि आप किसी आपात स्थिति के दौरान एक साथ राशि निकाल सकते हैं|
  7. पेंशन प्लान कम से कम इतना रिटर्न देते हैं कि वह महंगाई के प्रभाव को निल कर देते हैं|
  8. पेंशन प्लान कई तरह से आपका आयकर बचाने का कार्य करते हैं|

 

पेंशन प्लान के नुकसान: Disadvantages of pension plans

 

  1. पेंशन प्लान की एक मुख्य समस्या यह है कि  प्रीमियम की एक लाख तक की राशि को ही आयकर से छूट प्राप्त है|
  2. एन्यूटी की  राशि में आपको आयकर देना होगा|
  3. पेंशन प्लान की सबसे बड़ी समस्या यह है कि अगर आपने उम्र के जल्दी के पड़ाव में इसमें निवेश नहीं किया तो धीरे-धीरे यह प्लान आपके लिए कठिन होता जाता है इसीलिए यह सलाह दी जाती है कि पेंशन प्लान में निवेश जल्दी से जल्दी शुरू करें|

 

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Welcome to Invest India Online. Financial freedom means something different to every single one of our clients. For some, it means having enough money in retirement to build a second home and send the grandchildren to college.